कश्मीर में सी.आर.पी.एफ. जवानों पर आतंकवादी हमले की निन्दा करें!

केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस फोर्स (सी.आर.पी.एफ.) के लगभग 50 सैनिक 14 फरवरी, 2019 को कश्मीर में एक आत्मघाती कार बम विस्फोट में मारे गये। यह हमला उस अति-सुरक्षित महामार्ग पर हुआ, जो कश्मीर घाटी में तैनात सैनिकों के लिये सप्लाई का एक मुख्य रास्ता है। पलटन में लगभग 2,500 सैनिक जा रहे थे और जिस बस पर बम से हमला हुआ, उसमें 40 से ज्यादा सैनिक सवार थे।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी इस कायराना आतंकवादी हमले की कड़ी निन्दा करती है। हम सभी मृत सी.आर.पी.एफ. सैनिकों के परिवारों को शोक और सहानुभूति प्रकट करते हैं।

इस आतंकवादी हमले को जिसने भी आयोजित किया हो, उसे सैनिकों के जीवन तथा कश्मीर के लोगों के हितों और खुशहाली की कोई चिंता नहीं है। कश्मीरी लोगों का हुकूमत से अलगावपन और उनके राष्ट्रीय अधिकारों की मांग एक राजनीतिक समस्या है जिसका राजनीतिक समाधान ज़रूरी है।

हिंसा और आतंक से यह समस्या नहीं हल होगी। हिंसा और आतंक से कश्मीर में शांतिपूर्ण हालतें बहाल नहीं होंगी। इसके बजाय, हिंसा और आतंक से राजनीतिक समाधान की ओर आगे बढ़ने के रास्ते में और रुकावटें पैदा होती हैं।

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