ट्रेड यूनियनों का मांग-पत्र

6 मार्च, 2019 को देशभर की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया और देशभर के मज़दूरों को संबोधित किया। आगामी आम चुनावों से ठीक पहले इन ट्रेड यूनियनों ने कई अन्य मांगों सहित सभी मज़दूरों के लिए एक राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन, समान काम के लिए समान वेतन, ठेका मज़दूरी का अंत और सेवानिवृत्त मज़दूरों के लिए 6000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम अनुक्रमित पेंशन की मांग रखी। अधिवेशन में यह फैसला किया गया कि आगामी चुनावों के दौरान सभी राजनीतिक पार्टियों के सामने “मज़दूरों का चार्टर” पेश किया जायेगा और उन सभी को इन मांगों पर अपनी ठोस भूमिका देने के लिए बाध्य किया जायेगा। उन्होंने मांग रखी कि केंद्र में सत्ता में चाहे जिस पार्टी की सरकार आये उनको मौजूदा मज़दूर-विरोधी नीतियों को वापस लेना होगा और वैकल्पिक मज़दूर-समर्थक और जन-समर्थक नीतियों को बनाना होगा।

इस तरह के कई अधिवेशन अन्य शहरों में भी आयोजित किये गए, जहां सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों का मसला उठाया गया और अपनी मांगों के समर्थन में संघर्ष को तेज़ करने का फैसला किया गया।

अधिवेशन के दौरान ट्रेड यूनियनों ने कई मांगें पेश कीं जिनमें से प्रमुख मांगें इस प्रकार है: 15वें इंडियन लेबर कांफ्रेंस की सिफारिश के अनुसार राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन निर्धारित करना, ठेका मज़दूरी को ख़त्म करना, महिलाओं और पुरुषों के लिए समान काम के लिए समान वेतन के प्रस्ताव को सख़्ती से लागू करना, काम की जगह पर मातृत्व सुविधाएं और क्रेच सुविधाएं सुनिश्चित करना।

अन्य मांगों के शामिल है: खेत मज़दूरों सहित सभी मज़दूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा और काम के हालातों पर एक व्यापक कानून बनाना, श्रम प्रधान कार्यों को बढ़ावा देने वाली नीतियों के द्वारा बेरोज़गारी पर काबू करना और 6000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम अनुक्रमित पेंशन को लागू करना।

ट्रेड यूनियनों ने यह भी मांग रखी कि विभिन्न सरकारी योजनाओं में काम करने वाले मज़दूरों जैसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायक, आशा और अन्य कर्मचारियों को मज़दूर का दर्ज़ा दिया जाना चाहिए और न्यूनतम वेतन और पेंशन सहित सभी सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएं दी जानी चाहिए।

इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस, हिन्द मज़दूर सभा, आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन, आल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर, ट्रेड यूनियन कोआर्डिनेशन सेंटर, सेल्फ-इम्प्लोयेड विमेंस एसोसिएशन, आल इंडिया सेंट्रल कौंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन, लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन, यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस सहित कई अन्य फेडरेशनों ने इस राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *