ट्रम्प के ब्रिटेन दौरे का विरोध

अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के 3 से 5 जून के ब्रिटेन के आधिकारिक दौरे का लंदन में कड़ा विरोध किया गया।

हजारों लोग मध्य लंदन के ट्रफाल्गर स्क्वायर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के ब्रिटेन दौरे पर अपना रोष प्रकट किया। जिस समय अमरीकी राष्ट्रपति और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री आपस बीच वार्ता के लिये बैठे थे, उस समय प्रदर्शनकारी ट्रफाल्गर स्क्वायर में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी तख्तियों पर ट्रम्प के दौरे का स्पष्ट विरोध था। ब्रिटेन की पूरी यात्रा के दौरान, सरकार के साथ ट्रम्प की सारी औपचारिक चर्चाओं और व्यवसायिक मीटिंगों को विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा।

Trump VisitTrump Visit

प्रदर्शनों में विभिन्न मुद्दों पर अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता एक साथ आये थे। इनमें शामिल थे ट्रम्प की जंगफरोशी के विरोधी, महिलाओं के अधिकारों के समर्थक, जलवायु परिवर्तन से चिंतित तथा शणार्थियों के हिमायती। जंगफरोशी का विरोध करने वाले “स्टैंड अप टू ट्रम्प” (यानी कि “ट्रम्प का सामना करो”) के नारे के इर्द-गिर्द लामबंध हुये। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे शांति को भंग करने वालों के खि़लाफ़ हैं। इस संदर्भ में एक शक्तिशाली मांग उभर कर आई कि सभी अमरीकी व नाटो सैन्य अड्डों को ब्रिटेन से बाहर किया जाये। दूसरे देशों में अमरीकी हस्तक्षेप व जंग के खि़लाफ़ लोग हमेशा ही रहे हैं, जैसे कि वे एक के बाद दूसरी ब्रिटेन की जंगफरोश सरकारों के खि़लाफ़ रहे हैं जो दूसरे देशों में सैन्य दखलंदाज़ी के पक्ष में रही हैं।

तीनों दिनों के प्रदर्शन न केवल अमरीकी राष्ट्रपति की जंगफरोशी व मानव विरोधी स्वभाव के खि़लाफ़ थे बल्कि ब्रिटेन की सरकार व राज्य के शीर्ष पर बैठी महारानी के खि़लाफ़ भी थे, जिन्होंने ट्रम्प को आमंत्रित किया था।

जैसे-जैसे ट्रम्प के खिलाफ़ आंदोलन बढ़ता गया, वैसे-वैसे सुरक्षा के बंदोबस्त को भी बढ़ाया गया और ट्रम्प के आने से तुरंत पहले 3000 से भी अधिक सुरक्षा अफ़सरों को तैनात किया गया।

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