रेल कोच फैक्ट्री के निगमीकरण का प्रस्ताव : निजीकरण के विरोध में संघर्ष समिति का विरोध प्रदर्शन

Railway Coach Factoryरेलवे कोच फैक्ट्री (आर.सी.एफ.) संघर्ष समिति के सदस्य फैक्ट्री के कोच उत्पादन विभाग के निजीकरण के सरकार के प्रस्ताव के ख़िलाफ़ संघर्ष करते आये हैं। संघर्ष समिति आर.सी.एफ. के निगमीकरण के प्रस्ताव को वापस लिए जाने की मांग उठाती आई है। 10 जुलाई को संघर्ष समिति ने जलंधर में ऐलान किया कि यदि उनकी इस मांग को पूरा नहीं किया गया तो वह रेल रोको कार्यक्रम आयोजित करेगी।

संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि सरकार का आर.सी.एफ. को भारतीय रेलवे रोलिंग स्टॉक कंपनी में तब्दील करने का इरादा है। रेलवे बोर्ड ने यह फैसला मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियन से किसी भी तरह के सलाह-मशवरे के बगैर किया है। समिति ने सरकार के इस प्रस्ताव का भी विरोध किया है जिसके मुताबिक केंद्र सरकार अगले 100 दिनों में रेलवे की सात उत्पादन फक्ट्रियों का निजीकरण करने जा रही है।

पिछले कई दिनों से संघर्ष समिति फैक्ट्री गेट पर मीटिंग करती आई है और रेल मंत्री से मिलकर इस फैसले को वापस लेने की मांग रखने की कोशिश करती आई है। अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। बेहद मजबूर होकर उन्होंने रेल गाड़ियों को रोकने का फैसला किया है।

3 जुलाई को संघर्ष समिति ने कपूरथला में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों मज़दूरों ने भाग लिया और इस कोच फैक्ट्री की निजीकरण के सरकार के फैसले के ख़िलाफ़ नारे लगाए।

संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि जब तक सरकार निजीकरण के इस प्रस्ताव को वापस नहीं लेती, तब तक उनका संघर्ष और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

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