इंसाफ के लिये संघर्ष

22 जुलाई, 2019 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में पवन व्यास के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर विधानसभा पर विशाल प्रदर्शन किया गया। यह पवन व्यास के हत्यारों को सज़ा दिलाने और उसके परिजनों को न्याय दिलाने के लिए बनाई गई ‘न्याय संघर्ष समिति’ की अगुवाई में हुआ।

innocent youth kild in Noharइस समिति को विप्र फाउंडेशन, लोक राज संगठन, सहित कई अन्य जन संगठनों का समर्थन हासिल है।

इससे पहले, 11 जुलाई, 2019 को भी पवन व्यास के हत्याकांड की जांच की मांग को लेकर विप्र फाउंडेशन के तत्वाधान में, जयपुर तक पदयात्रा की गई थी। उस पदयात्रा में भाग लेने वाले संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुलिस, सी.आई.डी. और एस.ओ.जी. पर जांच में लापरवाही करने का आरोप लगाया था। प्रदर्शनकारियों ने मांग की थी कि पुलिस नार्को टेस्ट करवाए, पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देकर उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च राज्य उठाए तथा तत्कालीन पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए।

विदित है कि 17 अक्तूबर, 2017 को राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ की तहसील नोहर में स्थित गांव जसाना के अटल सेवा केन्द्र संचालक पवन व्यास की हत्या कर दी गई थी। लगभग 2 साल के बाद, पुलिस अपराधियों को पकड़ नहीं सकी है। पवन व्यास को इंसाफ दिए जाने की मांग को लेकर न्याय संघर्ष समिति की अगुवाई में परिजन व गांव के लोग नोहर पुलिस थाने के धरना दे रहे हैं।

हत्यारों की गिरफ्तारी करके कड़ी सज़ा देने की मांग को लेकर मृतक पवन व्यास के पिता रामस्वरूप व्यास, सहित नौजवानों की 15 सदस्यीय टोली ने नोहर से जयपुर तक, 311 किमी ‘न्याय यात्रा’ की। यह न्याय यात्रा विभिन्न गांवों से गुजरती हुई शनिवार को जयपुर पहुंची।

प्रदर्शन जयपुर कलेक्ट्रेट सर्किल से विधानसभा तक एक पैदल मार्च के रूप में हुआ। पुलिस ने प्रदर्शन को विधानसभा से पूर्व बाईस गोदाम सर्किल के पास रोक दिया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

लोक राज संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, भादरा के माकपा विधायक बलवान पूनिया, कांग्रेस विधायक डॉ राजकुमार शर्मा, नोहर विधायक अमित चाचाण, विधायक राकेश पारीक, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, भाजपा विधायक धर्मनारायण जोशी, रतनगढ़ विधायक अभिनेष महर्षि, संजय शर्मा, रामलाल शर्मा आदि ने प्रदर्शन में पहुंचकर पीड़ित परिवार को न्याय दिए जाने की मांग का समर्थन किया।

पिता रामस्वरूप व्यास सहित न्याय संघर्ष समिति के कुछ सदस्यों ने केबिनेट मंत्री शांति धारीवाल के साथ वार्ता की। वार्ता में सहमति बनी कि पीड़ित परिवार को राज्य की योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि हत्यारों को पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है। मंत्री ने यह भी बताया कि हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाले के लिये 50,000 रुपए का इनाम भी रखा गया है।

अंत में, ‘न्याय संघर्ष समिति’ ने फैसला किया कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक नोहर थाने के सामने पड़ाव जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *