औद्योगिक दुर्घटनाओं पर रोक की मांग

16 जुलाई, 2019 को दिल्ली की ट्रेड यूनियनों की संयुक्त कमेटी ने औद्योगिक दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर दिल्ली के श्रममंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को इंटक, एटक, एच.एम.एस., सीटू, ए.आई.यू.टी.यू.सी., एक्टू, यू.टी.यू.सी., मज़दूर एकता कमेटी और इफ्टू ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था।

MTG with lebor Ministerविदित है कि 13 जुलाई को पूर्वी दिल्ली के झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में लगी भीषण आग में 2 महिला सहित एक पुरुष मज़दूर की मौत हो गयी थी। कई मज़दूर घायल हो गये थे।

दिल्ली सरकार ने मारे गए मज़दूरों के लिए मुआवज़े की घोषणा की है, लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने कोई क़दम नहीं उठाया है।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि दिल्ली में बार-बार औद्योगिक दुघर्टनायें हो रही हैं। इन दुघर्टनाओं में बड़ी संख्या में मज़दूरों की मौते हो रही हैं। जनवरी 2018 में बवाना औद्योगिक क्षेत्र की भीषण आग लगने की दुर्घटना हुई थी, जिसमें बड़ी संख्या में मज़दूरों की मौत हो गई थी।

औद्योगिक दुघर्टनाओं में मज़दूरों की मौत की वजहों पर रोशनी डालते हुए, प्रदर्शन में भाग लेने वाली ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र में श्रम कानूनों का उल्लंघन आम बात है। फैक्ट्री के बाहर ताला लगाकर मज़दूरों से अंदर काम करवाया जाता है। अधिकांश फैक्ट्रियों में सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। अधिकांश फैक्ट्रियां गैर-कानूनी तरीके से बनी हुई हैं। इनमें भवन-निर्माण के सभी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है। यहां तक कि फैक्ट्रियों में आपात द्वार भी नहीं हैं, जिनके सहारे मज़दूर आपदा के समय बचकर निकल सकें। यूं कहना उचित होगा कि दुर्घटना के लिहाज से 99 प्रतिशत फैक्ट्रियां अतिसंवेदनशील हैं।

वक्ताओं ने कहा कि मज़दूरों के जीवन की सुरक्षा के लिए ज़रूरी उपकरण, इंतजाम और आपात स्थिति में निकासी मौजूद है या नहीं, इसकी जवाबदेही क्रमशः सरकार, श्रम मंत्रालय, श्रम विभाग की बनती है। इन्हें सुनिश्चित न करना श्रम कानूनों का सरासर उल्लंघन है।

प्रतिनिधियों ने कहा कि मुआवज़ा मज़दूरों की जान की क़ीमत नहीं हो सकता। फैक्ट्रियों की दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के लिए सरकार जवाबदेह है।

ट्रेड यूनियनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने श्रममंत्री को इन मांगों का ज्ञापन सौंपा।

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