दो महाद्वीपों में जनरल मोटर्स के मज़दूरों की हड़ताल

अमरीका में हड़ताल

15 सितम्बर को यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन (यू.ए.डब्ल्यू.) ने पूरे अमरीका में जनरल मोटर्स (जी.एम.) के खि़लाफ़ हड़ताल का आह्वान किया। हड़ताल के इस आह्वान पर देशभर में जनरल मोटर्स के करीब 46,000 मज़दूरों ने मध्य रात्रि से काम पर जाना बंद कर दिया और हड़ताल शुरू कर दी। अख़बार के प्रेस में जाने तक यह हड़ताल जारी थी।

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अमरीका और दक्षिण कोरिया में जनरल मोटर्स के मज़दूरों की हड़ताल

यह हड़ताल तब शुरू हुई जब जनरल मोटर्स के मालिकों के साथ मज़दूरों का 4 वर्ष का अनुबंध ख़त्म हुआ और उसकी जगह पर नया समझौता नहीं हो पाया। नये अनुबंध की वार्ता में मज़दूरों और मालिकों के बीच, वेतन, स्वास्थ्य सुविधा, अस्थायी मज़दूरों के स्थिति और रोज़गार की सुरक्षा, इन सभी मसलों पर मतभेद बना रहा। इसी तरह से 15 सितम्बर को कांट्रेक्टर कंपनी अरामार्क के साथ एक समांतर विवाद के चलते जनरल मोटर्स के मिशिगन और ओहायो कारखाने में ठेके पर काम कर रहे मेंटेनेंस मज़दूर भी दो दिन ही हड़ताल पर चले गए। इससे पहले 2007 में जनरल मोटर्स में एक बड़ी हड़ताल हुई थी जब 89 कारखानों के 73,000 मज़दूर इसी तरह से दो दिनों की हड़ताल पर चले गए थे।

age GM-Korea_strikeपिछले वर्ष जी.एम. ने उत्तरी अमरीका में 10.8 प्रतिशत की दर पर 11.8 अरब अमरीकी डॉलर का मुनाफ़ा हासिल किया था। यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन मज़दूरों के लिए मुनाफ़ों में हिस्से और बेहतर वेतन और सुविधाओं की मांग के साथ-साथ, यह मांग कर रही है कि जी.एम. अमरीका में अपने दो कारखानों को बंद नहीं करेगी, जिन्हें वह बंद करने की योजना बना रही है। यूनियन ने कंपनी पर सवाल उठाया है कि वह नौकरियों की जगह पर मुनाफ़ों को ज्यादा महत्व देती है और इसी के चलते उसने अमरीका में होने वाले कार्यों को मेक्सिको को आउटसोर्स किया है, जहां अमरीका की तुलना में मज़दूरी कम है। वेतन में बढ़ोतरी के साथ यूनियन कंपनी में अस्थायी मज़दूरों की संख्या को सीमित करने की भी मांग कर रही है, जो कि इस वक्त अमरीकी मज़दूरों का औसतन 7 प्रतिशत है। अस्थायी मज़दूरों को नियमित मज़दूरों की तुलना में सिर्फ आधा ही वेतन मिलता है।

हड़ताल पर गए यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन के साथ समझौता वार्ता के दौरान जी.एम. ने आश्वासन भरा एक प्रस्ताव पेश किया कि कंपनी ओहायो में बैटरी बनाने वाला एक नया कारखाना खोलेगी। ये बैटरियां वर्ष 2026 तक दुनियाभर में बेची जाने वाली अंदाजन 10 लाख बैटरी चलित गाड़ियों में से जी एम द्वारा निर्मित कुछ में इस्तेमाल की जायेंगी। इस नए कारखाने से इस क्षेत्र में सैकड़ों नौकरियां पैदा तो होंगी, लेकिन यहां मज़दूरों को केवल 17 डॉलर प्रति घंटे के हिसाब से वेतन मिलेगा, जो कि वहां स्थित पुराने जी.एम. कारखाने में एक असेंबली मज़दूर को मिलने वाले 31 डॉलर प्रति घंटे के वेतन से बहुत कम है। इस कारखाने में नए अनुबंध के तहत नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा मज़दूरों की संख्या भी बहुत कम होगी। शेवरलेट क्रूज के उत्पादन में लगे 3,000 से अधिक मज़दूरों की तुलना में यह संख्या बहुत कम होगी।

दक्षिण कोरिया में हड़ताल

9 सितम्बर को दक्षिण कोरिया में जी.एम. के कारखाने में काम करने वाले यूनियन में संगठित मज़दूरों ने सम्पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया। पिछले दो दशक में इस तरह की यह पहली हड़ताल है। मज़दूर उच्चतर वेतन की मांग कर रहे हैं और इस अमरीकी कार उत्पादक कंपनी द्वारा पूर्वी एशियाई देश में उत्पादन के पुनर्गठन की योजना का विरोध कर रहे हैं।

सोमवार 9 सितम्बर को जी.एम. कोरिया के तीन कारखानों के 8,000 मज़दूरों की मजबूत यूनियन ने सभी कारखानों में हड़ताल घोषित कर दी और यह हड़ताल 48 घंटे तक चली। घटते उत्पादन के चलते मज़दूरों की संभावित छंटनी के खि़लाफ़ वे अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। पश्चिमी सियोल में इंचेओं और राजधानी से 400 किलोमीटर दूर दक्षिण पूर्व में बसे चागवों के कारखानों से करीब 8,000 मज़दूरों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। पिछले एक महीने में यूनियन ने चार अर्ध-हड़तालों का आयोजन किया है और 22 अगस्त से उन्होंने ओवर-टाइम का बहिष्कार किया है।

यूनियन मूल वेतन में 5.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी, इंसेंटिव के रूप में डेढ़ महीने का वेतन और 6.5 मिलियन वोन (5,400 डॉलर) प्रति मज़दूर नगद बोनस की मांग कर रही है।

लेकिन नुकसान का बहना देते हुए जी.एम. कंपनी ने इन मांगों को पूरा करने से इंकार कर दिया है। पिछले वर्ष कंपनी ने दक्षिण कोरिया में चार में से एक कारखाने को बंद कर दिया, दुनियाभर में गैर-मुनाफ़ेदार कारखानों को बंद करने की दिशा में दक्षिण कोरिया में मज़दूरों की संख्या में 20 प्रतिशत की कटौती की है।

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