नागरिकता संशोधन अधिनियम को वापस लो!

एन.आर.सी. नहीं चलेगा!

लोगों को धर्म के आधार पर बांटना बंद करो!

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी का बयान, 24 दिसंबर, 2019

बीते 11 दिन से, देश भर में करोड़ों-करोड़ों लोग सड़कों पर उतरकर, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हम मांग कर रहे हैं कि सरकार नागरिकता संशोधन अधिनियम (सी.ए.ए.) को फौरन वापस ले और देश भर में राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एन.आर.सी.) बनाने के अपने फैसले को फौरन वापस ले।

हमारे लोगों की एकता की हिफाज़त करने के लिए, सभी तबकों से लोग सड़कों पर धरने-प्रदर्शन और मार्च कर रहे हैं। हर राज्य में, शहरों और गांवों में, हजारों-हजारों विरोध प्रदर्शनों के ज़रिये, हमने धर्म के आधार पर समाज को बांटने की मोदी सरकार की कोशिशों का डटकर विरोध किया है और कर रहे हैं।

परन्तु, देश के लोगों की आवाज़ को सुनने के बजाय, केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर वहशी दमन छेड़ दिया है।

राज्य के दमन के कारण, 25 से ज्यादा लोग शहीद हुए हैं। बहुत सारे लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हजारों-हजारों लोगों को फर्ज़ी आरोपों के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है।

सरकार लोगों को हिंसा के लिए जिम्मेदार बताकर, एक फरेबी प्रचार अभियान चला रही है। पर जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं पर हिन्दोस्तानी राज्य की बर्बर हिंसा ने इस प्रचार को पूरी तरह से झूठा साबित कर दिया है। उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, असम और दिल्ली जैसे कई राज्यों में लोगों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को “अवैध” घोषित कर दिया गया है और उन पर भारी दमन किया जा रहा है।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी यह मांग करती है कि सांप्रदायिक और जन-विरोधी नागरिकता संशोधन अधिनियम (सी.ए.ए.) को फौरन वापस लिया जाये। हम मांग करते हैं कि सरकार पूरे देश में नागरिकता पंजी (एन.आर.सी.) बनाने के अपने फैसले को फौरन वापस ले और इसकी सार्वजनिक घोषणा करे। हम मांग करते हैं कि सरकार सभी गिरफ़्तार लोगों को फौरन रिहा कर दे और देश वासियों पर इस दमन की मुहिम को तुरंत रोके।

एक पर हमला सब पर हमला!

राज्य की दहशतगर्दी बंद करो!

हम हैं इसके मालिक, हिन्दोस्तान हमारा!

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