अधिकारों की हिफ़ाज़त में संघर्ष

हरियाणा के स्वास्थ्य कर्मियों का छंटनी के खि़लाफ़ संघर्ष

3 जून, 2020 को स्वास्थ्य विभाग ठेका कर्मचारी यूनियन की अगुवाई में हरियाणा भर में श्रमिकों ने लंच टाईम पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सभी पी.एच.सी., सी.एच.सी., जनरल अस्पतालों व मेडिकल कालेजों के अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों की प्रस्तावित छंटनी के खि़लाफ़ था।

Health Worker Panchkulaयूनियन के अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा 1 जुलाई से क़रीब 10 हजार से ज्यादा ठेका कर्मचारियों की छंटनी की जाने की संभावना है।

प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को तथा सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपे गए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सभी ठेका कर्मचारी संभावित छंटनी के खि़लाफ़ काली पट्टियां बांधकर ड्यूटियां कर रहे हैं।

उधर अंबाला में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की नौकरियों की सुरक्षा की मांग को लेकर जनरल अस्पताल के ट्रामा सेंटर के गेट पर प्रदर्शन किया। इनके समर्थन में फरीदाबाद में भी ऐसा प्रदर्शन किया गया।

मेडिकल कालेजों में फीस वृद्धि का विरोध

3 जून, 2020 को पूरे पंजाब में सरकारी व प्राइवेट मेडिकल कालेजों की फीस वृद्धि के खि़लाफ़ए़ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आई.एम.ए.) की अगुवाई में प्रदर्शन आयोजित किया गया।

IMAइस दौरान जिले के डाक्टरों के समूह ने एक ही समय पर, अस्पताल व क्लिनिकों के ऊपर काले झंडे लगाए और डाक्टर और छात्र सड़कों पर उतरे।

मीडिया को संबोधित करते हुये, आई.एम.ए. के पंजाब के उपाध्यक्ष व भटिंडा जिले के प्रधान डा. विकास छाबड़ा ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कालेजों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों व अभिभावकों की जेबों में डाका डाल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के मेडिकल कालेजों का काम मुनाफ़ा कमाना नहीं, बल्कि राज्य के होनहार बच्चों को उनके संबंधित क्षेत्र में आगे बढ़ाना होना चाहिये।

उन्होंने सरकार के इस जन-विरोधी फ़ैसले को बिना किसी देरी के वापस लेने की मांग की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर फीसें कम नहीं की गईं तो डाक्टर सरकार के खि़लाफ़ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।

छात्रों का कहना है कि पहले एम.बी.बी.एस. की कुल फीस 4 लाख 30 हजार रुपये थी, जो बढ़कर अब 7 लाख 30 हजार रुपये हो गई है।

यह प्रदर्शन स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, जिला, उप-मंडल और ब्लाक स्तर के अस्पतालों पर हुआ। चंडीगढ़, मोगा, संगरूर, मानसा, बरनाला, तरनतारन, मुक्तसर, फरीदकोट, होशियारपुर, पटियाला और फतेहगढ़ में भारी प्रदर्शन हुए।

एन.एफ.एल. के मज़दूरों का विरोध प्रदर्शन

NFL_Bhatinda3 जून, 2020 को पंजाब के भटिंडा स्थित उर्वरक निर्माता कंपनी नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के मेन गेट पर मज़दूरों ने ‘लाल झंडा एन.एफ.एल. मज़दूर यूनियन’ की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी की।

हाल ही में, एन.एफ.एल. प्रबंधन ने सन 1983 से लगातार काम कर रहे मज़दूरों को बिना कोई नोटिस दिए, लॉकडाउन के दौरान ही काम से निकाल दिया है। मज़दूर इसका विरोध कर रहे हैं।

एन.एफ.एल. के मज़दूर 29 मई से कंपनी के तीन गेटों पर लगातार धरना लगाकर बैठे हैं। न तो एन.एफ.एल. के प्रबंधन ही और न ही जिला प्रशासन मज़दूरों पर हो रही ज्यादतियों की सुनवाई करने को तैयार है।

पंजाब में किसानों ने खेती मोटरों के बिल वसूले जाने का विरोध किया

Peasent_Mansa Protest3 जून को पंजाब के मानसा जिले में किसानों ने खेती मोटर बिल के लागू किए जाने के विरोध मेंए मानसा के बिजली अधिकारी के दफ्तर के बाहर धरना दिया और सरकार के खि़लाफ़ नारे लगाये। इसकी अगुवाई भारतीय किसान यूनियन ने की।

प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि यदि खेती मोटर बिल को लागू किया जाता है तो किसान आंदोलन करेंगे। किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि फ़सलों के फ़ायदेमंद रेट न मिलने और कुदरती आफत के चलते फ़सलों के होते नुकसान के कारण किसान पहले ही कर्ज़ के बोझ तले दब चुका है। अब अगर खेती मोटरों पर इस्तेमाल होने वाली बिजली का बिल भी किसानों से वसूला जायेगा, तो यह किसानों के साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी होगी।

विदित है कि इससे पहले, 2004 में जब पंजाब सरकार ने ऐसा बिल लागू करने की कोशिश की थी, तब किसानों ने अमृतसर जिले में रेल रोककर सरकार को खेती मोटरों के बिल वसूलने के फ़ैसले को वापस लेने को मजबूर किया था। अब की बार भी किसान इस बिल को मानने को हरगिज तैयार नहीं हैं।

रेलवे गार्ड्स का विरोध प्रदर्शन

AIGC Bhatindaबीते कई दिनों से आल इंडिया गार्ड्स काउंसिल की अगुवाई में भारतीय रेल के गार्ड सरकार और रेल प्रशासन द्वारा गार्ड के पद को ख़त्म करके, उसका अन्य श्रेणियों के साथ विलय करने के क़दम का लगातार विरोध कर रहे हैं। मल्टी स्केल ने नाम से लिये जा रहे इस क़दम के तहत, गार्डों का सेक्शन कंट्रोलर, ट्रेफिक इंस्पेक्टर, ट्रेन क्लर्क आदि की श्रेणियों में विलय करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय का गार्ड और उनके संगठन विरोध कर रहे हैं।

इसी विषय को लेकर 2 जून को पूरे देश में ‘ब्लैक-डे’ मनाया गया। इस अवसर पर पंजाब सहित पूरे देश में अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर गार्डों ने काला रिबन व काला बैज लगाकर प्रदर्शन किया।

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