राजस्थान में किसानों का संघर्ष

किसानों ने फसल बीमा के मुआवज़े की मांग को लेकर ज्ञापन दिया

Nohar Bima9 जून को हनुमानगढ़ जिले में नोहर की उप-तहसील रामगढ़ की लोक राज संगठन की कमेटी ने किसानों की फसलों के बीमा के मुआवजे का भुगतान करने की मांग को लेकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

पूरे राजस्थान में 2019 की खरीफ की फसल के बीमा मुआवजे के भुगतान की मांग को लेकर संघर्ष चल रहा है।

नोहर तहसील के तहत आने वाले गांवों के किसानों का कहना है कि बीमा कंपनी, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ़ इंडिया, किसानों को फसल बीमे के मुआवजे का भुगतान नहीं कर रही है। जबकि किसानों और सरकार ने बीमा कंपनी को फसल बीमा के तहत तय की गई प्रीमियम का भुगतान समय पर कर दिया है। सरकार के कृषि विभाग ने किसानों की फसलों को मुआयना करके फसलों को हुये नुकसान को निर्धारित भी कर दिया है।

विदित हो कि इस इलाके के किसानों को कम वर्षा, अधिक तापमान और चक्रवाती प्राकृतिक प्रकोप के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ा है। इसकी वजह से खरीफ की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई के लिये किसानों ने बीमा कंपनी से मुआवज़े की मांग की है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द बीमा मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल थे – हनुमान प्रसाद शर्मा, सर्व हिन्द उपाध्यक्ष, लोक राज संगठन, ओम प्रकाश साहू, पूर्व सरपंच, मनीराम लकेसर, कृष्ण कुमार नोखवाल, ओम प्रकाश सांगर, रोहतास सोलंकी, मदनलाल लकेसर, सुदीप बाजीगर, शोकीन खान आदि।

रामगढ़ में रेलवे हाल्ट स्टेशन के नवीकरण के लिये रेल मंत्री को ज्ञापन

9 जून को लोक जन समिति-रामगढ़ ने राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की उपतहसील रामगढ़ हाल्ट स्टेशन (छोटा स्टेशन) के नवीनीकरण की मांग को लेकर रेल मंत्री को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजा।

किसानों की मांग है कि रामगढ़ हाल्ट स्टेशन के प्लेटफार्म को ऊंचा किया जाये, बुकिंग आफिस, यात्री विश्राम गृह व फुटओवर ब्रिज का निर्माण करवाया जाये। समिति के सदस्यों ने बताया कि रामगढ़ हाल्ट स्टेशन से हजारों यात्री अपनी यात्रा के लिये रेलगाड़ी पकड़ते हैं। इस स्टेशन पर प्लेटफार्म की ऊंचाई कम होने के कारण बुजुर्गों महिलाओं और बच्चों को गाड़ी पर चढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां पर फुटओवर ब्रिज न होने के कारण पटरियों को पार करते समय दुर्घटना का लगातार डर बना रहता है या यात्रियों को काफी दूर बने अंडर पास से पटरी पार करनी पड़ती है।

विदित रहे कि इस संदर्भ में पहले भी कई बार धरना प्रदर्शन किये गये हैं। सरकार के रेल मंत्री को तहसीलदार या कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन दिये गये हैं। लेकिन अब तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

रामगढ़ उप-तहसील कृषि उपज मंडी स्थापित करवाने की मांग पूरी

Rajsthan_22 Apri_For Start mandiराजस्थान के नोहर तहसील की उप-तहसील रामगढ़ में कृषि उपज मंडी स्थापित करवाने की मांग को लेकर लोक राज संगठन की अगुवाई में काफी लम्बे समय से संघर्ष चल रहा था। इसी संदर्भ में कई बार सरकार को कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपे गये। धरने प्रदर्शन किये गये। 22 अप्रैल को भी किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया। परिणाम स्वरूप यहां पर गोड़ मंडी चालू हो गई।

किसानों के लिये यह एक बड़ी जीत है।

विदित रहे कि रामगढ़ एक बड़ा गांव है। यहां पर मंडी न होने के कारण किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यहां पर सरकार ने 1980 में कृषि उपज मंडी समिति की स्थापना की थी। लेकिन यहां पर अनाज की कालाबाज़ारी करने वाले बिचौलियों ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके इस मंडी को बंद करवा दिया था। इस वजह से किसानों को अपने अनाज को बेचने के लिये 25 किलोमीटर दूर नोहर मंडी जाना पड़ता था या फिर बिचैलियों के हाथों शिकार बनना पड़ता था।

गोड़ मंडी के स्थापित हो जाने के बाद भी यहां पर किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, जैसे कि खरीद का प्रारंभ न होना और समर्थन मूल्य पर खरीद न किया जाना।

इन समस्याओं को लेकर लोक जन समिति और लोक राज संगठन की स्थानीय समिति ने एक बार फिर संघर्ष शुरू किया। उपरोक्त दोनों समस्याओं के लिये नायब तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे। आखिरकार किसानों का संघर्ष रंग लाया और गोड़ मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू हो गई है।

इस पूरे संघर्ष की अगुवाई करने वालों में – कृष्ण नोखवाल अध्यक्ष रामगढ़ समिति, हनुमान प्रसाद शर्मा सर्व हिन्द उपाध्यक्ष लोक राज संगठन, श्रीमति सावित्री देवी, पालराम भांभू, मनीराम लकेसर, रोहतास सोलंकी, बलवंत सिंह, कन्हैयालाल जैन, सोनू भार्गव, हारुन खान आदि शामिल थे।

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