अधिकारों की हिफ़ाज़त में संघर्ष

प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना में मुआवज़े की मांग को लेकर धरना

Ramgardh_5x3_30 June30 जून को राजस्थान में जिला हनुमानगढ़, नोहर की उप-तहसील रामगढ़ में लोक राज संगठन की अगुवाई में किसानों ने धरने का आयोजन किया। धरने में आस-पास के गांवों से किसानों और उनके सरपंचों ने हिस्सा लिया। यह धरना खरीफ-2019 की फ़सल के बीमा के मुआवजे़ का जल्द भुगतान कराने की मांग को लेकर रखा गया। किसानों की ओर से कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।

विदित रहे कि पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना के मुआवजे़ के भुगतान को लेकर देशभर के किसानों को सरकार और बीमा कंपनियों से संघर्ष करना पड़ रहा है। उप-तहसील रामगढ़ के किसान खरीफ-2019 की फ़सल के लिये हुये नुकसान के बीमा के मुआवजे़ का भुगतान न किये जाने को लेकर लगातार दो महीने से सरकार के समक्ष ज्ञापन देकर अपनी मांग रखते आ रहे हैं।

कलेक्टर के नाम दिये गये ज्ञापन में कहा गया है कि खरीफ-2019 के लिये प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना के अन्तर्गत उप-तहसील रामगढ़ के बहुत सारे किसानों को बीमा मुआवजे़ का भुगतान नही मिला है। इसके लिए संगठन ने बार-बार आपके समक्ष मांग रखी कि बीमा कम्पनी द्वारा मुआवजे़ का भुगतान जल्द से करवाया जाये।

ज्ञापन में किसानों की ओर से उपखण्ड अधिकारी को संबोधित करते हुये बताया गया है कि आपको 15 जून को सूचना दी गई थी कि इस इलाके के बहुत से किसानों को बीमा का भुगतान नहीं मिल रहा है। इसलिये तुरंत बीमा मुआवज़ा का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। परन्तु इन 15 दिनों के दौरान प्रशासन, बीमा कम्पनी अथवा कृषि विभाग से किसी प्रकार का जवाब नहीं मिला है। इसलिये यदि बीमा मुआवजे़ का भुगतान नहीं मिला तो हम 15 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। इस दौरान अगर आन्दोलन उग्र रूप लेता है तो उसका उत्तरदायित्व प्रशासन का होगा।

धरने को अगुवाई देने वालों में शामिल थे – लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, ओम प्रकाश सहू (पूर्व सरपंच उज्जलवास), धर्मेन्दर सहारण, रामसिंह सोखल, नरेश लांगर, धर्मपाल खाती, राहुल लकेसर, बनवारी भांभू, रोहताश थोरी, रूपेश शर्मा, पूर्णराम सहारण, राम प्रसाद जांगिड़, श्योराम नैंण, कृष्ण कुमार नोखवाल, पालाराम भांभू, देवीलाल लकेसर, इक़बाल खां, मनीराम लकेसर, बनवारी देव (पूर्व सरपंच), बलबीर खीचड़, आदि।

मनरेगा मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया

Kaithal_5x3_29_Juneहरियाणा के जिला कैथल में मनेरगा मज़दूर यूनियन की अगुवाई में  29 जून को मनरेगा मज़दूरों ने प्रदर्शन किया। मज़दूरों ने अपनी मांगों के नारे भी बुलंद किये। यूनियन के महासचिव फूल सिंह और संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों व सदस्यों तथा मज़दूरों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में मांग की गई है कि मनरेगा के अंतर्गत प्रति व्यक्ति 200 दिन के रोज़गार का अधिकार हो और प्रति दिन 800 रुपए मज़दूरी सुनिश्चित की जाए। केवल ग्राम/वार्ड सभा द्वारा चयनित योजनाओं पर ही काम हो। मनरेगा में काम की गारंटी व मज़दूरी बढ़ाने के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया जाये। हर साल मनरेगा का बजट अपर्याप्त होने के कारण मज़दूरों को पूरा काम नहीं मिल पाता और मज़दूरी के भुगतान में विलम्ब होता है। काम न मिलने पर बेरोज़गारी भत्ता दिया जाए।

ज्ञापन में आगे कहा गया है कि बकाया मज़दूरी का तुरंत भुगतान किया जाना चाहिये और समय पर मज़दूरी न मिलने पर मुआवज़ा दिया जाना चाहिए। कार्यस्थल पर दवा, पानी, छाया और बच्चों की देख-रेख की सुविधा की जाये और मज़दूरों की शिकायतों का निपटारा एक सप्ताह के अंदर हो जाना चाहिये। मनरेगा कार्य के दौरान काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों का प्रबंध सरकार करे या औजारों की क़ीमत के बराबर राशि मज़दूरों को दी जाए। कार्यस्थल पर मृत्यु हो जाने पर न्यूनतम 10 लाख रुपए मुआवज़ा दिया जाना चाहिए।

मनरेगा मज़दूर यूनियन के नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समय रहते जल्द ही सभी मांगों को हल नहीं किया गया तो यूनियन मनरेगा मज़दूरों की मांगों को लेकर, राष्ट्रव्यापी स्तर पर नरेगा संघर्ष मोर्चा के साथ मिलकर, सरकार के खि़लाफ़ संघर्ष तेज़ करने की योजना बनाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *