अधिकारों की हिफ़ाज़त में संघर्ष

छंटनी के ख़िलाफ़ सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज़ इंडिया के मज़दूरों का विरोध प्रदर्शन

सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज़ इंडिया के मज़दूरों ने 12 जुलाई को सेलेबी एम्पलाइज़ यूनियन के बैनर तले नई दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। कंपनी द्वारा पिछले महीने की गई 708 मज़दूरों की छंटनी का वे विरोध कर रहे थे।

2010 से इस कंपनी को दिल्ली हवाई अड्डे पर ग्राउंड हैंडलिंग ऑपरेशंस को ठेके पर दिया गया है। तुर्की स्थित सेलेबी एविएशन होल्डिंग इस कंपनी का मालिक है। कोविड महामारी के कारण व्यवसाय में भारी गिरावट का बहाना देते हुए, कंपनी ने 1,819 मज़दूरों में से 708 को काम से निकाल दिया है। 12 जून को सेलेबी के प्रबंधन ने मज़दूरों को उनकी छंटनी की सूचना दी।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रबंधन पिछले तीन वर्षों से उनकी यूनियन को तोड़ने के लिए यूनियन के नेताओं पर हमला कर रहा है। अब उन्होंने कोविड-19 महामारी का फ़ायदा उठाते हुए बड़े पैमाने पर मज़दूरों की छंटनी करने, यूनियन के सदस्यों को निशाना बनाने और यूनियन को नष्ट करने का काम शुरू कर दिया है।

कुछ प्रबंधकीय कर्मचारियों के अलावा, छंटनी किये गए अधिकांश कर्मचारी मज़दूर हैं जो विमान की सफाई, यात्रियों के सामान की ढुलाई और उन्हें व्हीलचेयर आदि की सहायता प्रदान करने का काम करते हैं। छंटनी किये गए अधिकांश मज़दूर ‘सेलेबी एम्प्लाइज़ यूनियन’ के सदस्य हैं।

यूनियन के उपाध्यक्ष गुलशन के अनुसार, मई 2010 से अब तक यूनियन के लगभग 20 सदस्यों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। “कंपनी ने मज़दूरों पर दुव्र्यवहार का झूठा आरोप लगाया था। उनको निलंबित करने का असली कारण यह है कि वे यूनियन के सक्रिय सदस्य थे। प्रबंधन ने उन्हें 12 जून को सूचित किया कि अन्य मज़दूरों के साथ-साथ उन्हें भी बर्खास्त कर दिया गया है”। कामरेड गुलशन ने कहा कि ”निलंबित करते समय उन पर लगाए गए आरोपों की जांच पूरी किए बिना ही उन्हें निकाल दिया गया”।

यूनियन के नेताओं को पिछले कुछ वर्षों से निलंबन, स्थानांतरण और बर्ख़ास्तगी का सुनियोजित रूप से निशाना बनाया गया है क्योंकि वे मज़दूरों को अपनी समस्याओं की शिकायत करने और अपने अधिकारों के लिए लड़ने को संगठित कर रहे हैं।

उदाहरण के लिए, जब यूनियन के नेताओं ने मई 2019 में हैदराबाद में स्थानांतरण के आदेशों को मानने से इंकार कर दिया तो प्रबंधन ने उन्हें कार्यस्थल में प्रवेश करने और दैनिक कार्यों के लिए पंजीकरण करने से रोक दिया। जब मज़दूरों को इस बात का पता चला तो लगभग 20 मज़दूर इसके विरोध में इकट्ठे हो गये और उन्होंने तब तक काम करने से इंकार कर दिया जब तक कि उनके नेताओं को कंपनी में आने की अनुमति नहीं दी जाती। प्रबंधन ने तुरंत उन सभी 20 मज़दूरों को निलंबित कर दिया। 12 जून को की गई छंटनी में वे 20 मज़दूर भी शामिल हैं।

छंटनी को जायज़ ठहराने के लिये प्रबंधन द्वारा भेजे गये ईमेल में अन्य बातों के अलावा बताया गया है कि: ”वर्तमान समय में हमारे व्यवसाय में 83 प्रतिशत की गिरावट हुई है और इस संकट के लंबे समय तक चलने के आसार हैं। व्यापार में भारी मंदी के कारण अब कम मज़दूरों की ज़रूरत है और प्रबंधन को मजबूरी में अतिरिक्त मज़दूरों को नौकरी से निकालना पड़ रहा है। चूंकि आप सबसे जूनियर मज़दूरों में से हैं, इसलिए आपकी छंटनी की जा रही है”।

सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज़ का प्रबंधन कोविड महामारी और व्यवसाय में अस्थायी गिरावट का बहाना बनाकर लड़ाकू मज़दूरों को निशाना बना रहा है और यूनियन को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है। अपने रोज़गार और अधिकारों पर इस हमले के विरोध में मज़दूरों का संघर्ष पूरी तरह से जायज़ है।