वेस्ट बैंक और जॉर्डन की घाटी पर इस्राईल के कब्ज़े का विरोध करें!

1 जुलाई, 2020 को फिलिस्तीन के प्रतिरोधी योद्धाओं और दुनियाभर में फैले उनके समर्थकों ने फिलिस्तीनी ज़मीन के एक बड़े हिस्से पर इस्राईल द्वारा किये गये कब्ज़े और उस ज़मीन के हड़पे जाने के ख़िलाफ़ “रोष दिवस” (डे ऑफ रेज) घोषित किया। अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार ये इलाके फिलिस्तीनी लोगों

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बिजली संयंत्र में विस्फोट से मज़दूरों की मौत

1 जुलाई, 2020 को तमिलनाडु के कडलूर जिले के नेवेली शहर में नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड के थर्मल पावर स्टेशन (टी.पी.एस.-2) में एक विस्फोट हुआ। यह भयानक हादसा सुबह 9.55 के करीब टी.पी.एस.-2 की इकाई 5 में हुआ।

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कोविड प्रोटोकोल लागू करने की मांग करने पर नर्सों को नौकरी से निकाला

नई दिल्ली में हकीम अब्दुल हमीद शताब्दी अस्पताल (एच.ए.एच.सी.) की नर्सें गुस्से में हैं क्योंकि अस्पताल की 84 नर्सों को 11 जुलाई को, बिना किसी पूर्व सूचना के और बिना किसी कारण के सभी को नौकरी से निकालने के आदेश जारी किए गए हैं। कोविद-19 वार्ड की घोर उपेक्षा और डॉक्टरों, नर्सों और चिकित्सा कर्मचारियों के प्रति अस्पताल के अधिकारियों के लापरवाह रवैये के ख़िलाफ़ नर्सें पिछले 15 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।

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कृषि व्यापार में तब्दीलियों पर साक्षात्कार

अभी हाल में सरकार ने कृषि संबंधी दो अध्यादेशों को पारित किया। “कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश-2020” और “मूल्य का आश्वासन और कृषि सेवा पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता अध्यादेश-2020”। प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री ने इन दोनों अध्यादेशों को “किसानों की आज़ादी” का रास्ता खोलने वाले अध्यादेश बताये हैं । इन अध्यादशों के बारे में मज़दूर एकता लहर ने देशभर के कई किसान नेताओं से बातचीत की। अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री विकल पचार के साथ मज़दूर एकता लहर द्वारा की गयी मुख्य बातें यहां पेश की जा रही हैं।

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संकट से निपटने के लिए मज़दूर ई.पी.एफ. की बचत को निकालने के लिये मजबूर हैं

कोविड-19 महामारी के चलते देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा करने के बाद से ही हिन्दोस्तान की सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ई.पी.एफ.ओ.) के कई मानदंडों और प्रक्रियाओं में बदलावों और संशोधनों की घोषणा की है।

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अधिकारों की हिफ़ाज़त में संघर्ष

चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड द्वारा मज़दूरों पर अत्याचार

अपने हक़ों की लड़ाई लड़ रहे मज़दूरों पर चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (सी.एम.आर.एल.) के अधिकारी हमले और अत्याचार कर रहे हैं। जून में 4 मज़दूरों को काम से निकाला दिया गया था, क्योंकि उन्होंने अप्रैल 2019 में हुई हड़ताल में भाग लिया था। अब तक कुल मिलाकर 8 मज़दूरों को काम से बर्ख़ास्त किया जा चुका है।

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Delivery workers in Recife, Pernambuco

दुनिया के मज़दूर अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं

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