May 1-15 2012

सभी मजदूरों के सर्वव्यापी अधिकारों के लिये संघर्ष करें!

निजीकरण और उदारीकरण कार्यक्रम को हरायें!

मई दिवस 2012 के अवसर पर हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का आह्वान

मजदूर साथियो!

उत्तरी कोरिया पर साम्राज्यवादी दबाव फिर शुरू

अमरीकी साम्राज्यवादियों ने उत्तरी कोरिया पर एक बार फिर दबाव डालना और उसे धमकाना शुरू किया। इस बार उनका बहाना उत्तरी कोरिया द्वारा 13 अप्रैल को एक उपग्रह प्रक्षेपित करने की कोशिश थी। जबकि उपग्रह प्रक्षेपण पर संयुक्त राष्ट्र का या किसी और अंतर्राष्ट्रीय संधि का उल्लंघन नही होता है, फिर भी अमरीका ने उत्तरी कोरिया को जा रहे 2,40,000 टन खाद्य पदार्थों से भरे एक जहाज को रद्द कर दिया और जापान ने उत

ईरानी आतंकवादियों का अमरीकी साम्राज्यवादी प्रशिक्षण

अमरीकी साम्राज्यवाद का विरोध करने वाले देशों और सरकारों के लिये मुसीबतें पैदा करने के लिये अमरीकी साम्राज्यवाद ने एक हथियार का इस्तेमाल करने में निपुणता हासिल की है। वह है, उन देशों के अंदर विध्वंसकारी गुटों को तैयार करना और उन्हें सहायता देना। ऐसे गुटों को तोड़-फोड़ करने, हत्यायें करने और दूसरी अपराधी हरकतें करने के लिये प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे उन देशों में अस्थिरता ला सकें।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के दो साल बाद :

शिक्षा का अधिकार अभी भी एक सपना

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 1अप्रैल, 2010को लागू हुआ था। बहुत प्रचार किया गया है कि यह संप्रग सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो हमारे देश के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा सुनिश्चित कराने के प्रति सरकार की तथाकथित वचनबध्दता को दर्शाता है।

आर्थिक सुधार कार्यक्रम पर मजदूर-मेहनतकशों के विचार

मजदूर वर्ग और मेहनतकशों की हिमायत करने वाले अखबार और संगठन बतौर, हम मेहनतकशों के नेताओं से यह सवाल कर रहे हैं कि 20 वर्ष पहले शुरू किये गये सुधारों के परिणामों के बारे में हिन्दोस्तान के मेहनतकशों का क्या विचार है। क्या उन सुधारों से मजदूर वर्ग और मेहनतकश जनसमुदाय को फायदा हुआ है या नुकसान?

हनुमानगढ़ के अनार किसान कर्जे में डूबे :

किसानों की ओर राजस्थान व केन्द्र सरकार के बेरुखा रवैया

2005-06 से राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में अनार की पौध लगाने वाले किसानों में से सैंकड़ों दीवालिया हो गये हैं। पिछले चार वर्षों से वे मांग कर रहे हैं कि केन्द्र व राज्य सरकारों के कृषि व बागवानी विभाग, किसानों से किये अपने वादे पूरे करें। परन्तु किसानों की मांगों की कोई सुनवाई नहीं हुयी है। जैसा कि किसान बताते हैं, जिम्मेदारी क

कानपुर में मजदूरों का धरना

उत्तर प्रदेश के कानपुर के मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर 8अप्रैल, 2012को शिक्षक पार्क परेड में एक दिवसीय धरना दिया।

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