Communist School

Theoretical and agitprop material from communist school organised by the Party.

वी.आई. लेनिन की 142वीं सालगिरह पर : लेनिनवाद जिन्दाबाद!

22 अप्रैल मजदूर वर्ग को महान क्रान्तिकारी नेता व शिक्षक, वी.आई. लेनिन की 142वीं सालगिरह है।

अक्तूबर क्रांति - मानव समाज के इतिहास में एक नया पड़ाव

94 वर्ष पहले, 7 नवम्बर को, लेनिन की बोलशेविक पार्टी की अगुवाई में रूस के मजदूर वर्ग और मेहनतकश लोग पूंजीपतियों और सभी शोषक वर्गों की राज्य सत्ता का तख्तापलट करने के लिए क्रांति में उठ खड़े हुए थे। उन्होंने पूंजीपतियों की राज्य सत्ता की जगह पर एक संपूर्णतया नयी राज्य सत्ता स्थापित की, जो मेहनतकशों की आकांक्षाओं का साकार रूप था। उन्होंने इतिहास में पहली बार समाजवाद की स्थापना करने और इंसान द्व

कार्ल मार्क्स की 193वीं सालगिरह के अवसर पर

मार्क्सवाद की हिफाज़त करने का मतलब है मजदूर वर्ग को क्रान्ति के जरिये समाज को अगले ऊंचे पड़ाव तक ले जाने में सक्षम बनाना

मार्क्स ने आधुनिक मजदूर वर्ग को वह क्रान्तिकारी ताकत बताया, जो समाज को पूंजीवाद से कम्युनिज़्म तक ले जाने में अगुवाई देने को इच्छुक है और इसके काबिल भी है। कम्युनिज़्म का शुरुआती पड़ाव समाजवाद है। मार्क्स ने समझाया कि पूंजी द्वारा उत्पीडि़त सभी वर्गों और तबकों में मजदूर वर्ग ही वह वर्ग है जो पूंजी के बढ़ने और संकेन्द्रित होने के साथ-साथ खुद बढ़ता और शक्तिशाली होता है। किसान और दूसरे छोटे उत्पादक समय के साथ-साथ विघटित होते रहते हैं, कुछ पूंजीपति बन जाते हैं और अधिकतम अपनी संपत्ति को खो कर वेतन भोगी मजदूर बन जाते हैं। मार्क्स ने यह समझाया कि बड़े पैमाने पर समाजीकृत उत्पादन के अन्दर बहुत सारे मजदूरों को एक साथ लाकर पूंजीपति वर्ग खुद अपनी कब्र खोदने वाला आधुनिक मजदूर वर्ग पैदा करता है।

वी.आई. लेनिन की 141वीं सालगिरह के अवसर पर : श्रमजीवी क्रान्ति और श्रमजीवी वर्ग के अधिनायकत्व की जीत के लिये संघर्ष करें!

हमारे देश में कई पार्टियों ने कम्युनिज़्म को अपना लक्ष्य बताया है परन्तु वे मजदूरों, किसानों, महिलाओं और नौजवानों को उन लक्ष्यों के लिये संगठित करते हैं जो श्रमजीवी वर्ग का अधिनायकत्व स्थापित करने के लक्ष्य से विपरीत हैं। हमारी पार्टी का यह मानना है कि इस निर्णायक असूल पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कम्युनिस्ट पार्टी की परिभाषा यह है कि वह श्रमजीवी वर्ग का अधिनायकत्व स्थापित करने का राजनीत

मुम्बई में कम्युनिस्ट पाठशाला

हमारी पार्टी के केन्द्रीय समिति के आह्वान पर महाराष्ट्र इलाका समीति ने 12-13 फरवरी को एक कम्युनिस्ट पाठशाला आयोजित की। पार्टी के सदस्यों तथा मित्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने बीते अक्तूबर में हुये, पार्टी के चौथे महाअधिवेशन के कुछ अहम विषयों का अध्ययन किया व उन पर चर्चा की।

महान अक्तूबर क्रांति आज भी मज़दूर वर्ग और लोगों को आगे बढ़ने के लिये मार्गदर्शन करती है

7 नवम्बर रूस की महान अक्तूबर क्रांति की सालगिरह है। इस दिन, मानव जाति के इतिहास में पहली बार, मज़दूर वर्ग ने पूंजीपति वर्ग के शासन को उखाड़ फेंका और अपना खुद का राज स्थापित किया - श्रमजीवी अधिनायकत्व का राज्य।

मज़दूर वर्ग की राज्य सत्ता ने, मेहनतकश लोगों को शोषण, दमन और गरीबी से, कम से कम वक्त में मुक्त किया और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों से पूरी दुनिया को चकित कर दिया।

पैरिस कम्यून की 139वीं सालगिरह: जब मजदूर वर्ग ने आसमान को हिला दिया!

इस वर्ष के 18 मार्च को पैरिस कम्यून की 139वीं सालगिरह होगी। मजदूर वर्ग के इतिहास में यह एक बहुत ही महान और प्रेरक घटना थी। बहादुर क्रान्तिकारी ब़गावत के जरिये, पैरिस के मेहनतकशों ने राज्य सत्ता को अपने हाथ में ले लिया और पैरिस कम्यून के रूप में अपना शासन स्थापित किया। 26 मार्च से 30 मई, 1871 तक उन्होंने अपनी राज्य सत्ता को कायम रखा, पर अंत में उन्हें बेरहमी से कुचल डाला गया। उन्होंने पूंजीवा

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