Popular Movements

Against exploitation, Peasant's movement, Women's movement, Against State Terror, For Democratic Renewal, Against Imperialist War, Against Fascism, Against Discrimination

महिलाओं के लिये इंसाफ, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने का संघर्ष आगे बढ़ाना होगा!

नई दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को एक 23 वर्षीय महिला के वहशी बलात्कार और मौत के बाद, जब देश भर में आन्दोलन चले और महिलाओं के खिलाफ़ अपराधों को रोकने के लिये सरकार द्वारा कठोर कदम लेने की आवाज़ उठी, तो उन हालतों में सरकार ने जस्टिस जे.एस. वर्मा कमेटी का गठन किया। उस कमेटी ने 23 जनवरी, 2013 को अपनी सिफारिशें पेश कीं।

दिल्ली में हड़ताल की सफलता के लिये अधिवेशन

केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा 20-21 फरवरी को, सर्व हिन्द हड़ताल के आह्वान पर, दिल्ली के मजदूर संगठनों ने एकजुट होकर, राजधानी दिल्ली में हड़ताल को सफल बनाने के लिए 30 जनवरी, 2013 को मावलंकर ऑडिटोरियम में कार्यकर्ताओं का अधिवेशन आयोजित किया। इस अधिवेशन में हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

सर्व हिन्द हड़ताल 10 सूत्री मांगों को लेकर की जा रही है।

डीटीसी में, अब ठेके पर ठेका

दिल्ली परिवहन निगम (डी.टी.सी.) के तेहखंड डिपो में ठेका मजदूरों ने प्रबंधन एवं श्रम विभाग के मजदूर विरोधी रवैये के खिलाफ़ 15 जनवरी को हड़ताल की।

हड़ताल की अगुवाई मजदूर एकता कमेटी तथा अखिल भारतीय कर्मचारी ट्रेड यूनियन ने की।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की सालगिरह पर मुम्बई में जनसभा

6 जनवरी, 2013 को हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की महाराष्ट्र इलाका समिति ने पार्टी की सालगिरह मनाने के लिए सभा आयोजित की। इसमें  पार्टी के सदस्यों और समर्थकों ने हिस्सा लिया। इसमें संगठित क्षेत्र के मजदूर, महिलाएं तथा नौजवान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

महिलाओं के प्रति हिंसा से मुक्त समाज के संघर्ष से सीख

महिलाओं के हकों की सुरक्षा और न्याय के लिए जारी संघर्ष, दिल्ली में चलती हुयी बस में एक 23 वर्षीय पैरा मेडिकल छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार और उसकी दुखद मृत्यु से, और तीव्र हो गया है। इससे अनेक महत्वपूर्ण सीखें सामने आयी हैं।

20 दिसम्बर की मजदूर वर्ग रैली में साक्षात्कार

20 दिसम्बर, 2012 के दिन आये दसियों हजारों मजदूरों के कुछ नेताओं से मज़दूर एकता लहर के संवाददाताओं ने बातचीत की। उनकी मांगों और संघर्षों के बारे में बातचीत करने के साथ-साथ हमने उनसे हाल में संसद में व्यापक विरोध के बावजूद खुदरा कारोबार में एफ.डी.आई.

ऐसा राज्य मंजूर नहीं, जो महिलाओं को सुरक्षा नहीं देता बल्कि उनके साथ दुव्र्यवहार करता है!

स्कूल-कॉलेजों के छात्र और नौजवान देश की राजधानी में सड़कों पर इंसाफ मांगने उतरे हैं, एक ऐसी व्यवस्था और शासक वर्ग से इंसाफ मांग रहे हैं, जिसने अपने खुदगर्ज़ हितों को पूरा करने के लिये अधिकांश लोगों के हितों की बलि चढ़ाई है।

ऐसा राज्य मंजूर नहीं, जो महिलाओं को सुरक्षा नहीं देता बल्कि उनके साथ दुव्र्यवहार करता है!

स्कूल-कॉलेजों के छात्र और नौजवान देश की राजधानी में सड़कों पर इंसाफ मांगने उतरे हैं, एक ऐसी व्यवस्था और शासक वर्ग से इंसाफ मांग रहे हैं, जिसने अपने खुदगर्ज़ हितों को पूरा करने के लिये अधिकांश लोगों के हितों की बलि चढ़ाई है।

बलात्कार के खिलाफ़ सड़कों पर उतरे लोग

16 दिसम्बर की रात को दिल्ली में तेईस वर्षीय पैरा मेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में हुए सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर आक्रोशित लोग दिल्ली की सड़कों पर उतर आये।

दिल्ली ही नहीं, देश के कई शहरों और कस्बों में, महिलाओं के प्रति हिंसा को खत्म करने व इस पर रोक लगाने की मांग को लेकर, बड़े-बड़े प्रदर्शन और जुलूस आयोजित किये गये।

महिला संगठनों ने बलात्कार के खिलाफ़ आवाज़ उठाई

18 दिसंबर को दिल्ली के अनेक महिला संगठनों ने, दिल्ली में छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के खिलाफ़ रैली निकाली और गुनहगारों को पकड़कर तुरंत सज़ा देने की मांग भी की। महिला संगठनों ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम दिल्ली सरकार और पुलिस की आलोचना की। उन्होंने शासक वर्ग द्वारा राजनीति में अपराधीकरण को दिये गये प्रश्रय की भी सख्त निन्दा की। इस दौरान आधे घंटे तक संसद मार्

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