War & Peace

Such as: Iraq, South Asia, Geopolitics, Resistance

अमरीकी रक्षा सचिव की हिन्दोस्तान यात्रा : हिन्दोस्तान-अमरीका रणनैतिक गठबंधन का विरोध करें!

जून, 2012 में अमरीकी रक्षा सचिव लियोन पैनेटा की हिन्दोस्तान यात्रा की मजदूर एकता लहर निंदा करती है। इस यात्रा का उद्देश्य था कि चीन, ईरान, सीरिया, पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के प्रति अमरीका और हिन्दोस्तान के साम्राज्यवादी इरादों के बीच में समन्वय बनाना। इस यात्रा के दौरान कई अरबों डॉलरों के हथियारों की खरीदी पर सौदे भी किये गये।

शांघाई सहयोग संगठन की बैठक : ईरान और सीरिया पर अमरीकी योजनाओं का विरोध

शांघाई सहयोग संगठन (एस.सी.ओ.) के सदस्य देशों - रूस, चीन और चार मध्य एशियाई राज्य, कज़ाकिस्तान, किरगिस्तान, तज़ाकिस्तान और उज़बेकिस्तान - ने 7 जून, 2012, को बेजिंग में हुई संगठन के राष्ट्र प्रधानों की बैठक के अंत में एक संयुक्त बयान जारी किया जिसमें उन्होंने ईरान और सीरिया में विदेशी दखलंदाजी का विरोध किया।

सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी (बोल्शेविक) का इतिहास - संक्षिप्त पाठ्यक्रम

  • History of CPSU(B)लेखक: जे वी स्टालिन, सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी (बोल्शेविक) की केंद्रीय समिति के कमीशन द्वारा संपादित
  • तिथि: 1938
  • स्थान: सोविएत संघ
  • लिंक: --
  • (पी डी एफ) : वेब पेज के नीचे देख

सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी (बोल्शेविक) के इतिहास का यह संस्करण पीपुल्स पब्लिशिंग हॉउस, नई दिल्ली द्वारा दिसम्बर 1943 में प्रकाशित किये गए संस्करण का पुनः प्रकाशन है.

हिलेरी क्लिंटन की हिन्दोस्तान यात्रा :

इस इलाके में अमरीकी साम्राज्यवादी साज़िश और दखलंदाजी की निंदा करें!

मई के आरंभ में जब अमरीकी विदेश सचिव हिलेरी क्लिंटन ने हिन्दोस्तान की यात्रा की, तो अमरीकी साम्राज्यवादियों ने उस अवसर का फायदा उठाकर, अपने दुष्ट इरादों को पूरे करने के उद्देश्य से, हिन्दोस्तान पर और दबाव डालने और हमारे अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी करने व साजिश रचने और इस इलाके के मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश

फौजीकरण बड़े पूंजीपतियों के साम्राज्यवादी मंसूबे को दर्शाता है!

अप्रैल 2012 के बीच में, हिन्दोस्तान ने परमाणु अस्त्र वाहक लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। अग्नि-5 को एक अन्तर महाद्वीप बैलिस्टिक मिसाइल (आई.सी.बी.एम.) बताया गया है। उसे आंध्र प्रदेश के समुद्र तट से छोड़ा गया और वह 5000 कि.मी.

शिकागो में नाटो शिखर वार्ता :

अफगानिस्तान में किसी भी प्रकार की साम्राज्यवादी उपस्थिति मंजूर नहीं!

अमरीका के शिकागो शहर में 18-21 मई को नाटो सांझेदारों और मित्रों की जो शिखर वार्ता हुई, उसमें मुख्य मुद्दा यह था कि अमरीकी साम्राज्यवाद और उसके मित्र किस तरह अलग-अलग तरीकों से अफगानिस्तान में अपनी दखलंदाजी और कब्ज़े को बनाये रखेंगे।

शिकागो में नाटो शिखर वार्ता :

अफगानिस्तान में किसी भी प्रकार की साम्राज्यवादी उपस्थिति मंजूर नहीं!

अमरीका के शिकागो शहर में 18-21 मई को नाटो सांझेदारों और मित्रों की जो शिखर वार्ता हुई, उसमें मुख्य मुद्दा यह था कि अमरीकी साम्राज्यवाद और उसके मित्र किस तरह अलग-अलग तरीकों से अफगानिस्तान में अपनी दखलंदाजी और कब्ज़े को बनाये रखेंगे।

नाटो शिखर सम्मेलन का विरोध

हजारों लोग शिकागो शहर में 18 मई से 21 मई के बीच नाटो शिखर सम्मेलन के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे। इन प्रदर्शनों में भाग लेने के लिये पूरे अमरीका से और दूसरे देशों से लोग आये थे।

अपराध अधिकरण ने जॉर्ज बुश को दोषी पाया

11 मई, 2012 को पांच सदस्यों की एक जूरी ने कुआलालम्पुर युद्ध अपराध अधिकरण की 7 मई 2012 से चल रही सुनवाई का एकमत फैसला सुनाया कि अमरीकी राष्ट्रपति और उसके सहयोगी दोषी हैं।

अमरीका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ़ जंग की धमकी तेज़ की

ईरान द्वारा परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम जारी रखने के लिये अमरीका और इस्राइल ने, यह दावा करके कि, इस कार्यक्रम का इस्तेमाल परमाणु हथियारों की क्षमता पाने के लिये किया जा सकता है, उसके खिलाफ़ जंग की धमकी नियमित तौर पर तेज़ की है।

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