महान अक्तूबर क्रांति की शताब्दी को लाल सलाम

Submitted by cgpiadmin on शनि, 02/12/2017 - 01:30

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी ने महान अक्तूबर क्रांति की शताब्दी के अवसर पर, नयी दिल्ली में 4-5 नवंबर को दो दिवसीय पार्टी सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का विषय था महान अक्तूबर क्रांति - 100 वर्ष। मणिपुर से लेकर राजस्थान और पंजाब से लेकर केरल और तमिलनाडु तक, सम्मेलन में पूरे देशभर से साथियों ने हिस्सा लिया। इन दो दिनों में युवाओं की भारी भागीदारी ने सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श को उत्साह और जोश से भर दिया।

सम्मेलन की शुरुआत एक स्लाइड प्रस्तुति के साथ हुई जिसमें अक्तूबर क्रांति के दिनों के दौरान हुई घटनाओं के इतिहास के बारे में बताया गया। इस प्रस्तुति में कामरेड लेनिन के नेतृत्व में बोल्षेविक पार्टी की भूमिका को पेश किया गया। इसके बाद पहले दिन का मुख्य कार्यक्रम, पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह द्वारा प्रमुख भाषण को पेश किया गया (यह भाषण मज़दूर एकता लहर के 16-30 नवंबर के अंक में प्रकाशित किया गया है और यह हमारी पार्टी की वेव साईट www.cgpi.org/node/5587 पर उपलब्ध है)

इस भाषण के पहले हिस्से में उन घटनाओं का संक्षिप्त में विवरण पेश किया गया है जिसका अंत 6 नवंबर की रात को शरद प्रासाद (विंटर पैलेस) पर कब्जे़ और 7 नवंबर को अस्थायी सरकार का तख़्ता पलट कर मज़दूरों और किसानों की सरकार की स्थापना के साथ हुआ। इस भाषण में उन महत्वपूर्ण दिनों के राजनीतिक महत्व को विस्तार से बताया गया है और इस बात का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है कि वह सब इसलिए संभव हुआ क्योंकि रूस के मज़दूरों, किसानों और सैनिकों को कामरेड लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविक पार्टी ने अगुवाई दी थी। मज़दूरों, किसानों और सैनिकों के बीच बढ़ती अशांति का इस्तेमाल करते हुए, रूसी सोशल-डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (बोल्शेविक) ने एक ऐसी क्रांतिकारी चेतना और संगठन को तैयार किया जिससे मज़दूर वर्ग खुद रूस का शासक वर्ग बन पाया। रूसी सोशल-डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (बोल्शेविक) को बाद में सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी (बोल्शेविक) का नाम दिया गया। इस भाषण में रूसी क्रांति की वैज्ञानिक समाजवाद के मार्क्सवादी सिद्धांत की वैधता के एक शानदार प्रदर्शन के रूप में प्रशंसा की गयी, जिसने पूंजीवादी राज्य मशीनरी को जड़ से उखाड़ फेंका था।

भाषण के दूसरे भाग में मौजूदा समय में हिन्दोस्तानी कम्युनिस्टों के लिए महान अक्तूबर क्रांति के सबक के प्रमुख मुद्दों को पेश किया गया। इस भाषण में पार्टी के सभी साथियों और सभी कम्युनिस्टों से इतिहास को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने का आह्वान किया गया। हम उन चीजों को सीखना चाहते हैं और सबक लेना चाहते हैं, जो हमें मौजूदा समय में हिन्दोस्तान में क्रांति की जीत के लिए परिस्थितियां बनाने में मदद करेंगी। हमें हिन्दोस्तान के मज़दूरों और किसानों को इस चेतना के साथ संघर्ष करने के लिए नेतृत्व देना होगा कि उनके लिए राजनीतिक सत्ता अपने हाथों में लेना ज़रूरी भी है और संभव भी है। केवल एक लेनिनवादी क्रांतिकारी कम्युनिस्ट पार्टी ही ऐसी चेतना पैदा कर सकती है जो क्रांति के लिए सबसे महत्वपूर्ण आत्मगत स्थितियों में से एक है।

इस भाषण में उन परिस्थितियों को संक्षिप्त रूप से समझाया गया है कि जिन परिस्थितियों में हमारी पार्टी को हिन्दोस्तानी मज़दूर वर्ग की एक अगुआ पार्टी, लेनिनवादी पार्टी के रूप में बनाया गया है, जिसके झंडे तले सभी हिन्दोस्तानी कम्युनिस्ट संघर्ष करेंगे। हमारी पार्टी की स्थापना के समय से ही हमने राजनीतिक रूप से एकजुट मज़दूर वर्ग को नेतृत्व देते हुए, हिन्दोस्तान में कम्युनिस्टों की एकता को बहाल करने की आवश्यकता को समझा। भाषण में कहा गया कि 1980 में स्थापना के बाद से हमारी पार्टी पिछले 37 वर्षों में बहुत आगे बढ़ी है, लेकिन कम्युनिस्ट आंदोलन अभी भी बिखरा हुआ है। और आंदोलन में कई लोग मौजूदा राज्य के बारे में भ्रम फैला रहे हैं तथा संसदीय लोकतंत्र के साथ समझौता कर रहे हैं। भाषण के अंत में बताया गया कि गलत लाइन के खिलाफ़ लगातार संघर्ष करना हमारा फर्ज़ है और हम यह काम इस विश्वास के साथ करेंगे कि जो कोई क्रांति और कम्युनिज़्म के लिए लड़ रहे हैं, वे सब आखिर में एक ही अगुवा पार्टी में हिन्दोस्तानी मज़दूर वर्ग के नेतृत्व में एकजुट होंगे।

भाषण के बाद, पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह और पार्टी के तीन अन्य साथियों ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए भाषण में उठाये गए मुख्य प्रश्नों पर चर्चा का नेतृत्व किया। यह प्रश्न है - क्या हम हिन्दोस्तान में एक ऐसी पार्टी का निर्माण कर रहे हैं जो क्रांति का नेतृत्व कर सके और इस दिशा में हमारे कार्य क्या हैं?

इस प्रश्न पर कई युवाओं ने पूरे जोश के साथ अपने विचार पेश किये, जिससे कम्युनिस्ट पार्टी के महत्व के बारे में उनकी समझ और परिपक्वता साफ झलकती है। मार्क्सवाद-लेनिनवाद के विज्ञान और संगठन के सिद्धांतों पर पार्टी द्वारा दी जाने वाली निरंतर कम्युनिस्ट शिक्षा ने स्पष्ट रूप से इन सभी नौजवान कैडरों में एक लेनिनवादी कम्युनिस्ट पार्टी की आवश्यकता के बारे में उनकी चेतना को ऊपर उठाया है। इस कम्युनिस्ट स्कूल ने नौजवानों को यह भी समझाया कि पूंजीपतियों का तख्ता पलट करके मज़दूर वर्ग को खुद राजनीतिक सत्ता अपने हाथों में लेने के लिए, इस प्रकार की पार्टी ही मज़दूर वर्ग की अगुवाई कर सकती है।

दो दिनों तक चली इस चर्चा के संचालन में हमारी पार्टी की संस्कृति पूरी तरह से साफ नज़र आती है - जिसमें सभी की भागीदारों को चर्चा में शामिल किया जाता है और एक साथ मिलकर क्रांति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर समझ बनायी जाती है।

दूसरे दिन, दो कामरेडों ने एक प्रस्तुति द्वारा अच्छी तरह से यह समझाया कि हमारे देश के सरमायदार 1947 से ही हमारे देश की अर्थव्यवस्था को पूंजीवादी दिशा में ले गए। यही कारण है कि चाहे कोई भी पार्टी सत्ता में हो, सभी नीतियां इसी दिशा में बनायी जाती हैं और लागू की जाती हैं। इस मुद्दे को 1947 के बाद से हिन्दोस्तान के विकास के दौरान के कई उदाहरणों का इस्तेमाल करते हुए पेश किया गया।

सम्मलेन का समापन इंटरनेशनल गीत के साथ हुआ और उसके बाद पूरा हॉल क्रांतिकारी नारों से गूँज उठा - “अक्तूबर क्रांति जिंदाबाद!”, “हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी जिं़दाबाद!” और इंक़लाब जिंदाबाद!”

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पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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